
नई दिल्ली.
केंद्र सरकार ने अटल पेंशन योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है. बुधवार को लिए गए इस फैसले के बाद सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि इस योजना के प्रचार, विकास और जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहायता देने का सिलसिला भी आगे जारी रहेगा. इस फैसले का मकसद असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में नियमित आमदनी की सुरक्षा देना और देश में वित्तीय समावेशन को और मजबूत करना है.
मंजूरी के तहत सरकार जागरूकता अभियान चलाने, कर्मचारियों और संस्थाओं की क्षमता बढ़ाने और दूसरी विकास से जुड़ी गतिविधियों पर खर्च करती रहेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा गरीब और कम आय वाले लोग इस योजना से जुड़ सकें. इसके अलावा, जहां योजना को चलाने में आर्थिक कमी महसूस होगी, वहां गैप फंडिंग के जरिए उसे पूरा किया जाएगा, ताकि योजना लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे.
केंद्र सरकार का कहना है कि इस कदम से उन लाखों लोगों को बुढ़ापे में स्थायी आमदनी मिलेगी, जो औपचारिक सेक्टर से बाहर काम करते हैं. साथ ही यह देश के उस बड़े लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएगा, जिसे ‘विकसित भारत @2047’ का विजन कहा गया है, यानी ऐसा भारत जहां ज्यादा से ज्यादा नागरिक पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में हों.
कब शुरू हुई थी ये पेंशन योजना
अटल पेंशन योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को हुई थी. इसका उद्देश्य था असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को पक्की पेंशन का लाभ देना, ताकि 60 साल की उम्र के बाद उन्हें किसी पर निर्भर न रहना पड़े. इस योजना में जुड़ने वाले व्यक्ति अपनी उम्र और जमा राशि के हिसाब से हर महीने एक तय पेंशन पाने के हकदार होते हैं.
योजना के नियमों के अनुसार, 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद लाभार्थी को कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 5,000 रुपये तक की मासिक पेंशन मिल सकती है. कितनी पेंशन मिलेगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति ने कितनी उम्र में योजना जॉइन की और कितना योगदान किया.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अटल पेंशन योजना आज देश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था की एक मजबूत नींव बन चुकी है. 19 जनवरी 2026 तक इस योजना से 8.66 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं. यह संख्या दिखाती है कि आम लोगों के बीच इस योजना को लेकर भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
सरकार का मानना है कि नामांकन की रफ्तार बनाए रखने, पात्र लोगों में जागरूकता बढ़ाने और आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए नीति और वित्तीय सहयोग लगातार जरूरी है. वित्त वर्ष 2031 तक योजना और उससे जुड़ी फंडिंग बढ़ाने से असंगठित क्षेत्र तक इसकी पहुंच और मजबूत होगी और कमजोर वर्गों को लंबे समय तक पेंशन की सुरक्षा मिलती रहेगी.
अटल पेंशन योजना की पात्रता
भारतीय नागरिक होना चाहिए.
उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए (40 वर्ष से अधिक उम्र वाले नहीं जुड़ सकते).
आपके पास बैंक या पोस्ट ऑफिस में सेविंग्स बैंक अकाउंट होना चाहिए (आधार और मोबाइल नंबर लिंक होना बेहतर).
1 अक्टूबर 2022 से: यदि आप इनकम टैक्सपेयर हैं या रहे हैं, तो इस योजना में शामिल नहीं हो सकते.
कोई भी व्यक्ति जो पहले से NPS या अन्य पेंशन स्कीम में नहीं है, वह जुड़ सकता है.
कितना निवेश करना पड़ता है?
पेंशन की राशि आप चुन सकते हैं, जैसे ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000 या ₹5,000 प्रति माह.
योगदान की राशि आपकी उम्र और चुनी गई पेंशन पर निर्भर करती है. जितनी कम उम्र में शुरू करेंगे, उतना कम मासिक योगदान देना पड़ेगा (क्योंकि निवेश की अवधि लंबी हो जाएगी).
यहां कुछ उम्र के अनुसार, मासिक योगदान का इंडिकेटिव चार्ट है. 2025-26 के अनुसार, सरकारी दस्तावेजों और कैलकुलेटर से आधारित:
| एंट्री की आयु (वर्ष) | ₹1,000 पेंशन के लिए मासिक योगदान | ₹2,000 पेंशन | ₹3,000 पेंशन | ₹4,000 पेंशन | ₹5,000 पेंशन |
| 18 | ₹42 | ₹84 | ₹126 | ₹168 | ₹210 |
| 20 | ₹50 | ₹100 | ₹150 | ₹198 | ₹248 |
| 25 | ₹76 | ₹151 | ₹226 | ₹301 | ₹376 |
| 30 | ₹126 (लगभग) | ₹252 | ₹378 | ₹504 | ₹630 (लगभग) |
| 35 | ₹231 (लगभग) | ₹462 | ₹693 | ₹924 | ₹1,154 |
| 40 | ₹471 (लगभग) | ₹942 | ₹1,413 | ₹1,884 | ₹2,354 |
| नोट: ये राशि इंडिकेटिव है और थोड़ी बदल सकती हैं. सटीक राशि के लिए बैंक में जाएं या आधिकारिक APY कैलकुलेटर इस्तेमाल करें (npstrust.org.in या PFRDA वेबसाइट पर उपलब्ध) है. | |||||
अटल पेंशन योजना में निवेश कैसे करें?
- नजदीकी बैंक या पोस्ट ऑफिस जाएं, जहां आपका सेविंग्स अकाउंट है (SBI, PNB, Bank of India, Union Bank, India Post आदि सभी भागीदार बैंक).
- APY आवेदन फॉर्म भरें (बैंक में उपलब्ध या ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं).
- व्यक्तिगत विवरण, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, नॉमिनी विवरण भरें.
- पेंशन राशि चुनें.
- आधार कार्ड की कॉपी और बैंक अकाउंट डिटेल्स जमा करें.
- बैंक आपके अकाउंट से ऑटो-डेबिट सेट करेगा और PRAN (Permanent Retirement Account Number) जारी करेगा.
- ऑनलाइन विकल्प: कुछ बैंक ऐप्स (जैसे SBI YONO, HDFC, आदि) या NSDL/NPS पोर्टल से भी चेक कर सकते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में बैंक ब्रांच से ही शुरू होता है.



