
नई दिल्ली
बाजार में इन दिनों कीमती धातुओं की चमक देखते ही बन रही है। सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार सोना $5,000 प्रति औंस के जादुई आंकड़े को छू गया है, वहीं चांदी भी $110 प्रति औंस के ऊपर निकल गई है।
भारतीय बाजार का हाल: 4 लाख की ओर चांदी
घरेलू बाजार में भी कीमतें आसमान छू रही हैं:
सोना: 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,61,960 रुपये (प्रति 10 ग्राम) तक पहुंच गई है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
कीमतों में इस तूफानी तेजी के पीछे मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां और वैश्विक तनाव जिम्मेदार हैं:
ट्रंप की नीतियां और राजनीतिक तनाव: ट्रंप के आक्रामक रुख के कारण अमेरिका का ईरान और यूरोपीय देशों के साथ विवाद बढ़ रहा है। साथ ही, कनाडा को टैरिफ की धमकी और ग्रीनलैंड जैसे मुद्दों ने निवेशकों को डरा दिया है।
डॉलर की कमजोरी: अमेरिकी करेंसी इंडेक्स में पिछले कुछ दिनों में 2% की गिरावट आई है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो लोग करेंसी की जगह सोने में पैसा लगाना सुरक्षित समझते हैं।
सुरक्षित निवेश की तलाश: दुनिया भर में जारी अस्थिरता (जैसे वेनेजुएला संकट और चीन के साथ ट्रेड वॉर की आशंका) के कारण निवेशक बॉन्ड और शेयर बाजार के बजाय गोल्ड को सबसे भरोसेमंद मान रहे हैं।
मुनाफे का गणित और भविष्य का अनुमान
इस साल अब तक सोने ने निवेशकों को 17% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों और ग्लोबलडेटा के अनुमान के मुताबिक, तेजी का यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है:
2026 के अंत तक: सोना 1.75 लाख से 1.95 लाख रुपये तक जा सकता है।
चांदी का लक्ष्य: चांदी के 3.80 लाख से 4.60 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
जिस रफ्तार से कीमतें बढ़ रही हैं, मुमकिन है कि अगले कुछ ही महीनों में सोना 2 लाख रुपये और चांदी 4 लाख रुपये के नए शिखर को छू ले।



