
नई दिल्ली
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) प्रशासन की ओर से भारत को एक के बाद एक राहत मिल रही है. पहले भारत-अमेरिका डील की फैक्टशीट में बड़े बदलाव करते हुए कुछ शर्तों में छूट दी गई, तो अब एक दिन बाद ही और रियायतें मिलने की संभावना नजर आ रही हैं. इस संबंध में खुलासा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने किया है. गुरुवार को उन्होंने कहा कि भारत के कपड़ा सेक्टर को और भी लाभ मिलेंगे, जो अमेरिका द्वारा बांग्लादेश को दिए गए हैं.
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में अहम भूमिका निभाने वाले केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने संकेत दिया कि बांग्लादेश की तरह, भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर को भी अंतिम समझौते पर साइन होने के बाद शून्य टैरिफ (Zero US Tariff) की सुविधा मिलने की उम्मीद है. उनके इस बयान से भारत के कपड़ा निर्यातकों को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौते ने इस बिजनेस के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं.
कांग्रेस पर ऐसे साधा निशाना
पीयूष गोयल का इस संबंध में बयान ऐसे समय में दिया है, जबकि India-US Trade Deal को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी वार-पलटवार का सिलसिला जारी है. बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच हुआ यह समझौता डोनाल्ड ट्रंप के सामने पूरी तरह आत्मसमर्पण है. अब Piyush Goyal ने उनके बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने संसद में एक और झूठ फैलाया कि व्यापार समझौते से भारत की तुलना में बांग्लादेश को अधिक लाभ मिला है.
बांग्लादेश की तरह भारत को भी लाभ
वाणिज्य मंत्री ने कांग्रेस कहा कि जिस प्रकार बांग्लादेश को यह सुविधा मिली है कि अगर अमेरिका से कच्चा माल खरीदा जाता है और उसे संसाधित करके कपड़ा तैयार करके फिर इसका निर्यात किया जाता है, तो उस पर कोई टैरिफ नहीं लगता है. उन्होंने कहा कि भारत को भी यही सुविधा मिलेगी.
'अंतिम समझौते में ये शामिल होगा'
इस संबंध में विस्तार से बताते हुए पीयूष गोयल ने साफ किया कि यह पार्ट पिछले सप्ताह दोनों देशों द्वारा जारी किए गए अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क में शामिल नहीं हो सकता है, लेकिन यह अंतिम समझौते में शामिल होगा. उन्होंने कहा कि अभी हमारा व्यापार समझौता तैयार हो रहा है और जब ये अंतरिम समझौता अंतिम रूप ले लेगा, तब आपको इसकी हर बारीकी समझ में आने लगेगी.
भारत के लिए कैसे बंपर फायदा?
भारत के लिए पीयूष गोयल द्वारा दिया गया ये बयान इसलिए भी बेहद खास हो जाता है, क्योंकि अंतिम समझौते में इसे शामिल करने से टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी. बता दें कि अमेरिका भारत के कपड़ा निर्यात के लिए सबसे बड़ा बड़ा बाजार है और देश से होने वाले सभी वस्त्र और परिधान शिपमेंट का 30% हिस्सा अमेरिका पहुंचता है. पिछले सप्ताह, भारत और अमेरिका के बीच डील के बाद कपड़ा निर्यातकों में खुशी की लहर दौड़ गई, क्योंकि ट्रंप ने टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया था. हालांकि, इस बीच अमेरिकी कपास से बने बांग्लादेशी वस्त्रों के निर्यात पर शून्य शुल्क की खबर आ गई थी. इससे चिंता बढ़ गई थी कि इस वजह से अगर बांग्लादेशी कपड़ों पर शुल्क नहीं लगेगा, तो भारतीय कपड़ों पर 18% शुल्क लगने के बाद भी उसे प्रतिस्पर्धात्मक लाभ नहीं हासिल होगा.



