
कोलंबो
ऑफ-फील्ड ड्रामा और राजनीतिक शोर-शराबे के बाद आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बहुप्रतीक्षित मैच आखिरकार तय कार्यक्रम के अनुसार होने जा रहा है. भारत और पाकिस्तान रविवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में आमने-सामने होंगे. क्रिकेटीय कारणों से इस प्रतिद्वंद्विता को लेकर उत्साह अब भी बरकरार है. इस मुकाबले में कई लोग भारत को प्रबल दावेदार मान रहे हैं, क्योंकि इस भिड़ंत में उनका दबदबा रहा है. मौजूदा टी20 विश्व कप में उनका प्रदर्शन भी इस दलील को मजबूत करता है.
भारत ने अपने अभियान की शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका पर जीत के साथ की. सूर्यकुमार यादव ने कठिन परिस्थिति में अहम पारी खेलकर टीम को संभाला और जीत दिलाई. इसके बाद भारत ने नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया को 93 रन से हराया. यह टी20 विश्व कप इतिहास में रन के अंतर से भारत की सबसे बड़ी जीत भी रही.
पाकिस्तान का ऐसा रहा है प्रदर्शन
दूसरी ओर, पाकिस्तान को नीदरलैंड्स के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, जहां फहीम अशरफ की उपयोगी कैमियो पारी ने उन्हें रोमांचक मुकाबले में जीत दिलाई. इसके बाद उन्होंने अमेरिका के खिलाफ अधिक पेशेवर प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की.
रविवार का मुकाबला हाई-वोल्टेज थ्रिलर होने की उम्मीद है. लगातार जीत के साथ भारत लय में है और मानसिक बढ़त भी रखता है. पिछले दशक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान पर उनका दबदबा उन्हें मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है.
हालांकि, इस बड़े मुकाबले से पहले यह समझना जरूरी है कि भारत को जीत के लिए क्या करना होगा. प्रेमदासा स्टेडियम भारत के लिए अनजाना नहीं है. यहां की परिस्थितियां उन्हें भली-भांति मालूम हैं.
कोलंबो में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है?
भारत ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में शानदार सफलता हासिल की है. 2009 से अब तक यहां खेले गए 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत ने 11 जीते और सिर्फ 4 हारे हैं.
आईसीसी टी20 विश्व कप 2012 में भारत ने इस मैदान पर पांच में से चार मैच जीते थे, जबकि एकमात्र हार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई थी. मेजबान श्रीलंका के अलावा केवल ऑस्ट्रेलिया ही इस मैदान पर भारत को हरा सका है.
भारत का टी20I रिकॉर्ड (आरपीएस, कोलंबो):
मैच – 15
जीत – 11
हार – 4
कोलंबो में कितना स्कोर चाहिए?
आर प्रेमदासा स्टेडियम में अक्सर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को फायदा मिला है. यहां खेले गए 51 टी20I मैचों में औसत स्कोर 152 रहा है, जबकि 28 बार लक्ष्य का सफल पीछा किया गया है. हालांकि मौजूदा टूर्नामेंट में पीछा करना कठिन साबित हुआ है.
वर्तमान टूर्नामेंट में औसत स्कोर 158 रहा है. भारत ने जब-जब यहां पहले बल्लेबाजी करते हुए 150 से अधिक रन बनाए हैं, तब छह में से पांच मैच जीते हैं. ऐसे में 165 या उससे थोड़ा अधिक का स्कोर रविवार को जीत के लिए पर्याप्त हो सकता है.
**कोलंबो में भारत का सर्वोच्च स्कोर:** 176/3 बनाम बांग्लादेश (मार्च 2018)
**न्यूनतम स्कोर:** 81/8 बनाम श्रीलंका (जुलाई 2021)
**औसत स्कोर:** 157 (15 मैचों में)
स्पिन से मिलेगी जीत?
कोलंबो में टी20I में तेज और स्पिन गेंदबाजों दोनों को सफलता मिली है. पेसरों ने 323 विकेट लिए हैं, जबकि स्पिनरों के नाम 282 विकेट हैं.
हाल ही में वनींदु हसरंगा और माहेश थीक्षाना ने आयरलैंड के बल्लेबाजों को रोका, जबकि एडम जाम्पा ने शानदार चार विकेट लिए.
तेज गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह की वापसी भारत के लिए बड़ी मजबूती है. वहीं पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक को भी भारत के खिलाफ बड़ा हथियार माना जा रहा है. रविवार को मुकाबले का फैसला केवल स्पिन से नहीं होगा. तेज गेंदबाज भी नतीजे में अहम भूमिका निभा सकते हैं.



