
आज के दौर में लगभग हर घर की यही कहानी है—कमाई चाहे जितनी भी हो, उसका एक बड़ा हिस्सा डॉक्टर की फीस और दवाइयों के बिल में चला जाता है. कई बार लाख कोशिशों और अच्छे इलाज के बाद भी घर से बीमारियां जाने का नाम नहीं लेतीं. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो मुमकिन है कि इसका कारण आपके घर में गलत जगह पर रखा दवाइयों का डिब्बा हो.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखी हर वस्तु की अपनी एक ऊर्जा होती है. अगर हम दवाओं को गलत दिशा या जगह पर रख देते हैं, तो वे बीमारी को ठीक करने के बजाय उसे और बढ़ाने लगती हैं. आइए जानते हैं कि घर की वो कौन सी जगह है जहां भूलकर भी दवाइयां नहीं रखनी चाहिए.
भूलकर भी रसोई (किचन) में ना रखें दवाइयां
हम में से ज्यादातर लोग अपनी सहूलियत के लिए दवाइयों का डिब्बा रसोई घर में रख देते हैं. कई घरों में तो लोग इसे सीधे गैस चूल्हे के पास वाले शेल्फ में रख देते हैं ताकि सुबह-शाम खाना खाते ही दवा खाना याद रहे. वास्तु के अनुसार, यह सबसे घातक भूल है.
अग्नि का प्रभाव: रसोई घर को मां अन्नपूर्णा और अग्नि देव का स्थान माना जाता है, जहां से पूरे परिवार को सेहत और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. अग्नि का स्वभाव हर चीज को तीव्र करना यानी बढ़ाना होता है. जब दवाइयां रसोई में या चूल्हे के आसपास रखी जाती हैं, तो बीमारी घटने के बजाय और ज्यादा बढ़ने लगती है.
अन्नपूर्णा का दोष: रसोई में बीमारी की दवाएं रखने का सीधा मतलब है कि आप अनजाने में बीमारी को अपने भोजन का हिस्सा बना रहे हैं. इससे घर के सदस्यों का स्वास्थ्य अक्सर खराब रहने लगता है, और एक बीमारी ठीक होने से पहले ही दूसरी शुरू हो जाती है.
इन 2 जगहों पर भी दवा रखना है नुकसानदेह
रसोई के अलावा दो और ऐसी जगहें हैं जहाँ लोग अक्सर दवाएं रखते हैं, जो वास्तु के लिहाज से बिल्कुल गलत हैं:
डाइनिंग टेबल पर: डाइनिंग टेबल के बीचों-बीच दवाइयां सजाकर रखने से भोजन करते समय पूरे परिवार का ध्यान बीमारी पर केंद्रित रहता है. इससे भोजन से मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है.
बेड के सिरहाने या तकिए के नीचे: सोते समय सिर के पास दवाइयां रखने से राहु दोष बढ़ता है. इससे व्यक्ति को मानसिक तनाव, घबराहट और अनिद्रा (नींद न आने) की समस्या होने लगती है.
कहाँ रखें दवाइयां ताकि जल्दी मिले बीमारी से छुटकारा?
अगर आप चाहते हैं कि दवाएं शरीर पर जल्दी असर करें. आपका मेडिकल का खर्च कम हो, तो इन बातों का ध्यान रखें:
उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा (North-East): घर के कमरे की उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा को आरोग्य और देवताओं के वैद्य भगवान धन्वंतरि की दिशा माना जाता है. इस कोने में साफ-सफाई के साथ दवाएं रखने से मरीज जल्दी ठीक होता है.
नजरों से छुपाकर रखें: दवाओं को कभी भी खुले में टेबल या शेल्फ पर बिखेर कर ना रखें. इन्हें हमेशा किसी दराज या अलमारी के अंदर बंद करके रखें, ताकि घर में आने-जाने वाले लोगों की नजर इन पर बार-बार न पड़े.



