
ज्यादातर घरों में लौकी का नाम सुनते ही बच्चों से लेकर बड़े तक मुंह बना लेते हैं. अगर आपके घर का भी यही हाल है और आपके घर के बच्चे या बड़े भी लौकी और मिलेट खाना पसंद नहीं करते, तो ये रेसिपी उनकी सोच बदल सकती है. लौकी, ज्वार, बाजरा (या रागी) और बेसन से बनने वाला ये हेल्दी थेपला स्वाद के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर है. आज हम आपको लौकी और मिलेट से बनने वाले थेपले की खास रेसिपी बताने वाले हैं, जो सबको बहुत पसंद आएगी.
खास बात ये है कि ये थेपला लंबे समय तक सॉफ्ट रहता है और दही, अचार या चाय के साथ बेहतरीन लगता है. अगर आप रोज की रोटी या पराठे से कुछ अलग और हेल्दी ट्राई करना चाहते हैं, तो ये रेसिपी जरूर बनाएं.
लौकी-मिलेट थेपला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स
300-400 ग्राम लौकी (छिली और कद्दूकस की हुई)
1 छोटा गुच्छा बारीक कटा हरा धनिया
1 छोटा टुकड़ा अदरक (दरदरा कुटा हुआ)
2 हरी मिर्च (दरदरी कुटी हुई)
1 छोटा चम्मच जीरा (दरदरा कुटा हुआ)
1½ छोटा चम्मच धनिया पाउडर
1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
½ छोटा चम्मच हल्दी
¼ छोटा चम्मच अजवाइन
1 बड़ा चम्मच सफेद तिल
स्वादानुसार नमक
1 बड़ा चम्मच कसूरी मेथी
¼ कप खट्टा दही
¾ कप ज्वार का आटा
¼ कप बाजरे का आटा (या रागी का आटा)
¼ कप बेसन
जरूरत के अनुसार पानी
सेंकने के लिए तेल
बेलने के लिए थोड़ा सूखा ज्वार का आटा
लौकी-मिलेट थेपला बनाने का तरीका
1. सबसे पहले लौकी को छीलकर कद्दूकस कर लें. अब इसमें बारीक कटा धनिया, अदरक, हरी मिर्च और दरदरा कुटा जीरा डालें. इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च, अजवाइन, सफेद तिल, नमक और कसूरी मेथी मिलाकर अच्छी तरह मिला लें.
2. अब इस मिश्रण में खट्टा दही, ज्वार का आटा, बाजरे (या रागी) का आटा और बेसन डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं. जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंध लें.
3. आटा तैयार होते ही इसके छोटे-छोटे पेड़े बना लें. अगर आटा हाथों में चिपक रहा हो तो हथेलियों पर थोड़ा तेल लगा लें. ज्वार का सूखा आटा लगाते हुए थेपले बेलें. ध्यान रखें कि थेपले बहुत पतले न हों, हल्के मोटे रखें ताकि पकने के बाद भी सॉफ्ट रहें.
4. गरम तवे पर थेपला डालें और दोनों तरफ हल्का पकने दें. इसके बाद थोड़ा तेल लगाकर दोनों ओर से सुनहरा और हल्का गुलाबी होने तक सेंक लें.
5. बस आपका गरमा-गरम लौकी-मिलेट थेपला तैयार है. आप इसे दही, अचार या एक कप गर्म चाय के साथ खा सकते हैं. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि दो की जगह चार थेपले आसानी से खा सकते हैं और फिर भी भारीपन महसूस नहीं होगा.



