
भोपाल
मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के दिवंगत कर्मचारियों के 954 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में पात्र लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में 400 नए सांदीपनि विद्यालय भवन बनाने की घोषणा भी की। इनमें 200 भवन स्कूल शिक्षा विभाग और 200 जनजातीय कार्य विभाग के तहत बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार में कमाने वाले सदस्य के निधन के बाद आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रभावित परिवारों को सहारा दिया जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए अनुकंपा नियुक्तियों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
जल्द तय होगी 20 हजार भर्तियों की रूपरेखा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अब तक विभिन्न विभागों में 85 हजार से अधिक नियुक्तियां दे चुकी है। इसी कड़ी में अब स्कूल शिक्षा विभाग में भी 20 हजार रिक्त पदों को भरा जाएगा। हालांकि, इन भर्तियों के लिए परीक्षा एजेंसी, पदों का वर्गवार विवरण और समय-सारणी जल्द ही विभाग द्वारा अलग से जारी की जाएगी।
शिक्षा बजट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में जहां राज्य का शिक्षा बजट महज 400 करोड़ रुपये हुआ करता था, वह आज बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच चुका है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
जनजातीय अंचलों में भी मजबूत होगी शैक्षणिक व्यवस्था
प्रदेश में वर्तमान में 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दूर-दराज के इलाकों तक पहुँचाने के लिए 200 नए सांदीपनि स्कूल शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, जनजातीय बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचा सुधारने के उद्देश्य से 200 नए आधुनिक स्कूल भवनों की स्वीकृति दी गई है।
अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी, 950 परिवारों को मिली राहत
वर्षों से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों के त्वरित निस्तारण पर संतोष व्यक्त करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि विभागीय पदोन्नतियों के जरिए रिक्त स्थान बनाकर पात्र आश्रितों को तत्काल नियुक्तियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि परिवार के संबल को खोने वाले आश्रितों को समय पर रोजगार मिलने से उन्हें संबल मिलता है। उन्होंने सभी नए कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
1.45 लाख मेधावी विद्यार्थियों को मिले लैपटॉप
प्रदेश में शैक्षणिक सुधारों और छात्र-कल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मेधावी विद्यार्थियों के प्रोत्साहन का दायरा काफी बढ़ चुका है। जहां पहले केवल 500 छात्रों को लैपटॉप दिए जाते थे, वहीं अब 1 लाख 45 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लैपटॉप और मेधावी छात्रों को स्कूटी जैसी प्रोत्साहन सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
सहायक ग्रेड-3 के सबसे ज्यादा पद
कार्यक्रम में दी गई जानकारी के मुताबिक, नियुक्ति पाने वालों में 661 सहायक ग्रेड-3, 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ काम करने की अपील की।
400 नए सांदीपनि विद्यालय भवनों को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सांदीपनि विद्यालयों के जरिए विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, आधुनिक लैब और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसी दिशा में 400 नए विद्यालय भवन बनाने की घोषणा की गई है। इनमें जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए जनजातीय कार्य विभाग के तहत 200 भवन बनाए जाएंगे।
अनुकंपा नियुक्ति वाले भी दे सकेंगे भर्ती परीक्षाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थी भविष्य में निकलने वाली अन्य शासकीय भर्तियों में भी शामिल हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 85 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में भी नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अनुकंपा नियुक्ति के करीब 350 मामले अभी शेष हैं, जिन्हें साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
हर साल होगी पदोन्नति की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए हर साल विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी। पदोन्नति से खाली होने वाले पदों को भरने की प्रक्रिया भी चल रही है। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए लैपटॉप वितरण, स्कूटी योजना और नीट की तैयारी में सहायता जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि विभाग में लंबे समय से लंबित मामलों के निराकरण और कर्मचारियों को लाभ देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति को दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बताया।



