
नई दिल्ली
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मामले में बिहार की राजधानी पटना में पुलिस से शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने खड़गे से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने रविवार शाम पटना के कोतवाली थाने में यह शिकायत दर्ज कराई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसको लेकर सियासी बवाल मच गया है. इस मामले को लेकर खरगे के खिलाफ पटना में शिकायत भी दर्ज हो गई है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं. भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में खरगे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
दरअसल, कांग्रेस के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए खरगे भाषण दे रहे थे. इसी दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं. इस पर खरगे ने विवादित बयान दे दिया. इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
बिहार भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य कृष्ण कुमार ने यह शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच की मांग की है. यह विवाद बिहार की राजधानी पटना स्थित बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान खरगे के संबोधन के समय हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने रविवार शाम कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत दी। एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया कि चूंकि मामला गांधी मैदान थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए शिकायत को वहां स्थानांतरित किया जाएगा। शिकायतकर्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से बयान के लिए 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की है। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है या पुलिस ने आगे क्या कार्रवाई की है।
उधर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित ‘बाप’ टिप्पणी के विरोध में 26 अक्टूबर को देशव्यापी प्रदर्शन करने जा रही है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए भाजपा कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी को लेकर अपना विरोध दर्ज कराएगी और कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लेगी।
यह विवाद सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी के बीच सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी अब दोनों दलों के बीच एक नया राजनीतिक मुद्दा बन गई है।
पटना कार्यक्रम में हुआ विवाद
यह विवाद 25 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण दे रहे थे, तभी सभा में मौजूद एक व्यक्ति की प्रधानमंत्री मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर उनकी प्रतिक्रिया सामने आई। खड़गे ने जवाब में कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री और उनके दिवंगत पिता का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर हमला बोला।
भाजपा ने 26 अक्टूबर को विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में भाजपा मुख्यालय के पास दोपहर करीब 12 बजे विरोध प्रदर्शन शुरू करने की योजना है। भाजपा इस टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से माफी मांगने की मांग कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा इस मामले में चुनाव आयोग के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी भी कर रही है।
टिप्पणी के बाद सभा में क्या हुआ?
घटना के दौरान जिस व्यक्ति की टिप्पणी के जवाब में खड़गे ने यह बयान दिया, उसकी पहचान संतोष कुमार के रूप में बताई गई है। बाद में उसने दावा किया कि उसकी पूरी बात नहीं सुनी गई और उसके कथन का अर्थ गलत समझा गया। उसके मुताबिक, वह कहना चाहता था कि विद्रोह के बिना मोदी सत्ता से नहीं जाएंगे। सभा में इस बातचीत के बाद हंगामा हुआ और संतोष कुमार को बाहर निकाल दिया गया। इस घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
भाजपा ने खड़गे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। दूसरी ओर, यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब बिहार की राजनीति में चुनाव, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की भूमिका जैसे मुद्दों पर भी राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस चल रही है। पटना के उसी कार्यक्रम में खड़गे ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, ‘वोट चोरी’ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए थे।



