इंदौरमध्य प्रदेश

1 अप्रैल से 4 रुपए महंगा मिलेगा दूध, पेट्रोल-डीजल की किल्लत के बाद महंगाई का नया असर

धार
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते देश में गैस सिलेंडरों और पेट्रोल-डीजल को लेकर परेशानी झेलनी पड़ रही है. वहीं मध्य प्रदेश के धार जिले में लोगों को बड़ा झटका लगने जा रहा है. धार में आज  1 अप्रैल से दूध के दामों में बढ़ोत्तरी हुई . दुग्ध उत्पादक संघ ने एक-दो रुपए नहीं बल्कि 4 रुपए की वृद्धि दूध के दामों में की गई . जिसके बाद आम उपभोक्ताओं पर इसका आर्थिक प्रभाव पड़ेगा.

60 रुपए का दूध अब 64 रु. में मिलेगा
धार में दूध के दाम बढ़ाने को लेकर दुग्ध उत्पादक संघ और दूध विक्रेता की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी. जहां सभी की सहमति से दूध की कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया है. जिसके बाद धार में वर्तमान में ₹60 प्रति लीटर बिक रहा दूध अब ₹64 प्रति लीटर हो जाएगा. दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि पिछले तीन सालों से दूध के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि इस दौरान पशु, आहार सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है.

1 अप्रैल से बढ़ी हुई कीमतों पर दूध
दुग्ध उत्पादक संघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि "बढ़ती महंगाई और पशु आहार की लागत में भारी वृद्धि के कारण अब दूध के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से लागत और बिक्री मूल्य के बीच असंतुलन बना हुआ था, जिसे अब संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है." वहीं, दूध विक्रेता संघ के कृष्णकांत सोमानी ने बताया कि "उत्पादकों द्वारा बढ़ाई गई कीमतों को देखते हुए विक्रेताओं ने भी इस निर्णय को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल से सभी विक्रेता बढ़ी हुई दरों पर ही दूध का विक्रय करेंगे."

दूध के दूसरे उत्पादों के बढ़ सकते हैं दाम
रोजमर्रा की जिंदगी में दूध का उपयोग होता है, ऐसे में दूध के दाम बढ़ने से परिवार के बजट पर असर पड़ेगा. दूध के दाम बढ़ने से इसका असर दूसरी वस्तुओं पर भी होगा, जैसे घी, पनीर और दूध से बने दूसरे उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं. दूध और उससे बनने वाले उत्पादों के मूल्य पर राज्य सरकार का सीधा नियंत्रण नहीं होता, जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में दूध के दामों में भिन्नता देखने को मिलती है. ऐसे में जहां एक ओर बिजली दरों में भी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, वहीं दूध के दाम बढ़ने से आम जनता पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button