
नई दिल्ली
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की है, जिसके मुताबिक सभी यूनिवर्सिटीज, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने संस्थानों के अंदर एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी। ये कमेटी उस संस्थान के अंदर SC/ST या OBC कैटगरी के छात्रों, शिक्षकों या गैर शिक्षण कर्मियों के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी शिकायतें सुनेंगी और तय समय-सीमा में उसका निपटारा करेगी। देश भर का सवर्ण समाज UGC के इस नियम का विरोध कर रहा है। बड़ी बात यह है कि जिस संसदीय समिति की सिफारिश पर UGC ने यह कानून बनाया है, उसके अध्यक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह है। उनके साथ इस समिति में कुल 30 सदस्य हैं जो संसद के दोनों सदनों के सदस्य हैं। इनमें कई भाजपा के सांसद हैं और सवर्ण समाज से आते हैं।
दरअसल, यह सिफारिश शिक्षा, महि्ला, बच्चों, युवा और खेल पर संसद की स्थाई समिति ने की है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह इस समिति के अध्यक्ष हैं। इस समिति में 21 लोकसभा और 9 राज्यसभा के सांसद हैं। कुछ नाम तो चौंकाने वाले हैं। दलगत संख्या और प्रतिनिधित्व की बात करें तो इस समिति में भाजपा के 16, कांग्रेस के 4, समाजवादी पार्टी के 3, तृणमूल के 2, सीपीएम के 1, डीएमके के 1, एनसीपी (अजीत गुट) के 1, एनसीपी (शरद गुट) के 1 और आम आदमी पार्टी की 1 पूर्व सदस्य हैं। इसे यूं कहें तो इस समिति में सत्ताधारी भाजपा के सदस्यों की संख्या 50 फीसदी से अधिक है।
समिति के सदस्यों में कौन-कौन?
संसद की वेबसाइट पर उपलब्ध नामों के मुताबिक इस समिति में राज्यसभा से दिग्विजय सिंह के अलावा भीम सिंह (भाजपा नेता, बिहार से राज्यसभा के सांसद) बिकास रंजन भट्टाचार्य (CPM नेता और पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद), घनश्याम तिवाड़ी(भाजपा नेता, राजस्थान कोटे से राज्यसभा सांसद), रेखा शर्मा (भाजपा नेता और हरियाणा से राज्यसभा सांसद और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष), सी. सदानंदन मास्टर (केरल भाजपा के उपाध्यक्ष और केरल से राज्यसभा सांसद), सिकंदर कुमार (भाजपा नेता, हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद), सुनेत्रा पवार (एनसीपी नेता और अजीत पवार की पत्नी, महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद) और स्वाती मालीवाल (AAP की पूर्व नेता और दिल्ली से राज्यसभा सांसद) हैं।
लोकसभा से 21 चेहरे कौन-कौन?
इस समिति में लोकसभा सांसदों में कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व जज अभिजित गंगोपाध्याय (भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल से सांसद), पूर्व केंद्रीय मंत्री और पटना साहिब से सांसद और भाजपा के कद्दावर नेता रविशंकर प्रसाद, भाजपा नेता, प्रवक्ता और ओडिशा की पुरी सीट से सांसद संबित पात्रा भी हैं। इनके अलावा बांसुरी स्वराज (भाजपा नेता और नई दिल्ली सीट से सांसदष, अमर शरदराव काले (एनसीपी (शरद पवार गुट) नेता), अंगोमचा बिमोल अकोईजाम (कांग्रेस पार्टी के नेता और मणिपुर से सांसद), बृजमोहन अग्रवाल (छत्तीसगढ़ से भाजपा के नेता और रायपुर लोकसभा सीट से सांसद), दग्गुबाती पूरनदेश्वरी(आंध्र प्रदेश में भाजपा की कद्दावर नेता और राजमुंद्र सीट से सांसद) दर्शन सिंह चौधरी (भाजपा नेता और मध्य प्रदेश की होशंगाबाद सीट से सांसद) के नाम भी शामिल हैं।
अन्य चेहरों का हाल
इनके अलावा अन्य सांसदों में डीएन कुरियाकोसे(कांग्रेस नेता और केरल की इडुक्की सीट से सांसद) वर्षा एकनाथ गायकवाड़ (कांग्रेस नेता और मुंबई की उत्तर-मध्य सीट से सांसद), हेमांग जोशी (भाजपा नेता और गुजरात की वडोदरा सीट से सांसद), जितेंद्र कुमार दोहरे (समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश की इटावा सीट से सांसद), जियाउर्रहमान बर्क (समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश की संभल सीट से सांसद), राजीव राय( समाजवादी पार्टी के नेता, यूपी की घोसी सीट से सांसद), कालिपाड़ा सरेन खेरवाल (तृणमूल कांग्रेस नेता और पश्चिम बंगाल की झारग्राम सीट से सांसद), कामाख्या प्रसाद तासा (भाजपा नेता और असम की काजीरंगा सीट से सांसद), करण भूषण सिंह (भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश की कैसरगंज सीट से सांसद), रचना बनर्जी (TMC नेता और पूर्व अभिनेत्री, पश्चिम बंगाल की हुगली सीट से सांसद), शोभनाबेन महेंद्रसिंह बरैया (भाजपा नेता, गुजरात की साबरकांठा सीट से सांसद) और थमिझाची थंगापांडियन उर्फ टी. सुमथि. (तमिलनाडु में डीएमके नेता और चेन्नई दक्षिण सीट से सांसद) के नाम शामिल हैं।



