भोपालमध्य प्रदेश

ट्रिपल आईटी भोपाल में कोडर आर्मी के संस्थापक रोहित नेगी एवं सह संस्थापक आदित्य टंडन का छात्रों के साथ विशेष सत्र आयोजित।

भोपाल

HackerRank कैंपस क्रू ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल (IIIT भोपाल) के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ (TnP सेल) के सहयोग से "RE.MARKS 2.0" नामक वक्ता कार्यक्रम का आयोजन मैनिट भोपाल के सिविल सभागार में किया गया।

ट्रिपल आईटी भोपाल के निदेशक प्रोफेसर आशुतोष  कुमार सिंह ने छात्रों को बताया कि रोहित नेगी और आदित्य टंडन जैसे युवा कोडिंग प्रतिभाओं को शामिल करते हुए इस तरह के सत्र भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे, जिसका उद्देश्य छात्रों को अपने कौशल निखारने और उद्योग जगत के लिए तैयार बनाने में मदद करना है।प्रो. सिंह ने कहा कि आज का युवा अपने यूथ आइकन से प्रेरित हो उनको ही सुनना चाहता है।आज के प्रतिस्पर्धी आई टी जगत में युवाओं को सही दिशा निर्देश मिलना नितांत आवश्यक है। ट्रिपल आई तो भोपाल जो राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है उसका निदेशक होने के नाते मेरी यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा से चयनित होकर आया छात्र भीड़ में न खोकर अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर अपने संस्थान का नाम ऊंचा करे।छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु मै हर संभव प्रयास करूंगा।आज का सत्र भी इसी की एक कड़ी है।आशा है छात्र रोहित नेगी एवं आदित्य टंडन के अनुभव से अपनी कोडिंग स्किल एवं अपनी स्किल्स का विकास करेंगे।

 ऐंकर अलख मिश्रा और रिया द्विवेदी ने मंच संभाला और कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।

इसके कुछ समय बाद, मुख्य अतिथियों रोहित नेगी (संस्थापक, Coder Army) और आदित्य टंडन (सह-संस्थापक, Coder Army) का जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया गया और डॉ. दीप जोशी ने उन्हें पुष्प गुच्छ से सम्मानित किया। डॉ. दीप जोशी ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण बातें साझा कीं और उद्योग जगत के लिए तैयार बने रहने हेतु निरंतर सीखते रहने और व्यावहारिक कौशल पर बल दिया।
वक्ताओं ने हल्के-फुल्के परिहास के साथ बातचीत शुरू करते हुए अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की — किस तरह उन्होंने कोडिंग सीखनी शुरू की, कैसे वे मित्र बने, और अंततः कैसे उन्होंने मिलकर Coder Army की स्थापना की। इसके बाद उन्होंने छात्रों के प्रश्नों के लिए मंच खोला और अपने वास्तविक अनुभवों के आधार पर वर्तमान कंप्यूटर विज्ञान क्षेत्र से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिए।

छात्रों के साथ साझा की गई कुछ प्रमुख बातें:

आदित्य टंडन: "अगर कोई तकनीक आपको भविष्य को लेकर डराती है, तो उसे सीख लीजिए। वह इसलिए डरावनी लगती है क्योंकि वह अनजानी है।"
रोहित नेगी: "श्रेष्ठ बनने के लिए सबसे बुद्धिमान होना ज़रूरी नहीं है।"
रोहित नेगी: "यह कभी केवल कोड के बारे में नहीं होता। यह विपणन, प्रस्तुति और उपयोगकर्ता के बारे में होता है। यह हमेशा से उपयोगकर्ता के बारे में ही रहा है।"

रोहित नेगी: "वह जोखिम उठाइए। यही वह तत्व है जो संसार के सर्वश्रेष्ठ लोगों को शेष सबसे अलग करता है।"

वक्ताओं ने इस विषय पर चर्चा की कि कोई परियोजना विकास से बाज़ार तक वास्तव में कैसे पहुंचती है, उद्योग में आगे बढ़ने के लिए किस मानसिकता की आवश्यकता होती है, किसी उम्मीदवार को नियुक्ति योग्य क्या बनाता है, और आज के तकनीकी परिदृश्य में वास्तव में क्या महत्व रखता है। नवोदित कंपनियों और बड़ी उत्पाद कंपनियों, दोनों में अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने छात्रों को दोनों की वास्तविकताओं से अवगत कराया।
रोहित नेगी ने डेटा संरचना एवं एल्गोरिदम (DSA) के महत्व पर भी प्रकाश डाला और इससे जुड़े कई भ्रमों को दूर करते हुए छात्रों को स्पष्ट रूप से बताया कि उन्हें किस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और किससे बचना चाहिए। आदित्य टंडन ने बताया कि आज के युग में, जो तेज़ी से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से प्रभावित हो रहा है, एक सर्वसामान्यज्ञ और विशेषज्ञ दोनों बनना कितना आवश्यक है।
सर्वश्रेष्ठ प्रश्न पूछने वाले छात्रों को मंच पर आमंत्रित किया गया और मुख्य अतिथियों रोहित नेगी तथा आदित्य टंडन द्वारा उन्हें उपहार भेंट किए गए। इसके तुरंत बाद, 15 सितंबर को आयोजित BCC (बेस्ट कोडर कॉन्टेस्ट)के विजेताओं को भी टी  एंड पी सेल के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. दीप जोशी और टी पी ओ, डॉ. अजय वास्तव द्वारा मुख्य अतिथियों की उपस्थिति में पुरस्कृत किया गया।

समापन विचार एवं आभार प्रदर्शन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. अजय वास्तव के संक्षिप्त संबोधन से हुई, जिन्होंने आयोजन की भव्यता और गुणवत्ता के बारे में बात की और टी एंड पी सेल के निरंतर प्रयासों से अवगत कराते हुए भविष्य में ऐसे और आयोजनों का वादा किया।उन्होंने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके समय और ज्ञान के लिए धन्यवाद दिया। डॉ. अजय वास्तव ने कार्यक्रम का समापन करते हुए कहा, "हम अक्सर तकनीकी बातों, शिक्षा और उद्योग के बारे में चर्चा करते हैं, लेकिन आज हमें एक ऐसे विषय पर चर्चा करने का अवसर मिला जिस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता — नौकरी मिलने के बाद क्या होता है और आप इन परिस्थितियों में कैसे आगे बढ़ सकते हैं।"

उन्होंने कहा जिस बेबाकी से काडर आर्मी के रोहित नेगी और आदित्य टंडन ने छात्रों के सवालों के जवाब दिये उससे हर छात्र प्रभावित हुआ है और यही वजह है कि उनको सुनने और अपने सवालों के जवाब के लिए छात्र 4 घंटे आराम से बैठ कर उनको सुनते रहे।
इन समापन विचारों के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button