
आजकल के लोगों की सुबह की शुरुआत अलार्म की तेज आवाज और भागदौड़ के साथ शुरू होती है. लेकिन, सद्गुरु इस बारे में थोड़ा हटकर सोचते हैं. उनके अनुसार, सुबह उठने का सबसे सही समय करीब 3 बजकर 20 मिनट से लेकर 3 बजकर 40 मिनट के बीच होता है. इस समय को ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है. माना जाता है कि इस दौरान शरीर और प्रकृति की ऊर्जा एकदम संतुलन में होती है. इसी वजह से यह समय ध्यान, योग और दिन की शुरुआत के लिए सबसे अच्छा माना जाता है.
क्या होता है ब्रह्म मुहूर्त?
सद्गुरु के मुताबिक, ब्रह्म मुहूर्त सुबह सूरज निकलने से करीब डेढ़ घंटे पहले का समय होता है. पुराने समय में इसे पूजा-पाठ, ध्यान और साधना के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता था. इस समय आसपास का माहौल बहुत शांत होता है. शरीर भी इस समय ज्यादा एक्टिव रहता है. इसलिए इस दौरान ध्यान लगाने से मन जल्दी गहराई में जाता है और एक अलग तरह की शांति महसूस होती है.
ब्रह्ममुहूर्त सुबह 3 बजकर 20 मिनट या 3 बजकर 40 मिनट के आसपास शुरू होता है. इसलिए इस समय उठना अच्छा माना जाता है क्योंकि इस दौरान शरीर सही तरीके से काम करता है, दिमाग ज्यादा साफ रहता है और सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होती है. साथ ही मन और शरीर में संतुलन बना रहता है, जिससे दिन की शुरुआत अच्छी होती है.
साधना के लिए है अच्छा समय
सद्गुरु कहते हैं कि सुबह का यह वक्त यानी ब्रह्म मुहूर्त भगवान की साधना, ध्यान और प्राणायाम के लिए सबसे बढ़िया होता है. इस वक्त माहौल बहुत शांत होता है, इसलिए चीजों पर आसानी से ध्यान लगाया जा सकता है. दरअसल, सूरज निकलने से पहले आसपास शोर-शराबा बहुत कम होता है. ऐसे में जब आप उठते हैं, तो दिमाग ज्यादा सही से चलता है और आप अपने दिन की प्लानिंग अच्छे से कर सकते हैं. साथ ही, सुबह जल्दी उठने से पूरे दिन का मूड सेट हो जाता है. इससे आप दिनभर शांत रहते हैं और बिना जल्दबाजी या गुस्से के सही फैसले ले पाते हैं.
ब्रह्म मुहूर्त में क्या करें?
सद्गुरु के मुताबिक, सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सबसे पहले स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इस समय नहाने से शरीर ही नहीं, मन भी साफ और हल्का महसूस करता है. इससे मन की नकारात्मकता दूर होती है और दिन की शुरुआत पॉजिटिव तरीके से होती है. यह स्नान शरीर को ताजगी देता है, ऊर्जा बढ़ाता है और मन को शांत करता है. नियमित रूप से ऐसा करने से इंसान शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनता है.
इसके बाद पूजा-पाठ या मंत्र जाप करना भी अच्छा माना जाता है. पूजा के बाद तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है. साथ ही तुलसी में जल चढ़ाने से भी सकारात्मक परिणाम मिलते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और करियर में आने वाली रुकावटें भी दूर हो सकती हैं.



