छत्तीसगढ़

शत-प्रतिशत सत्यापन कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें: मुख्य सचिव विकास शील

रायपुर

मुख्य सचिव  विकास शील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजना की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में नियद नेल्लानार 2.0, पूर्व नक्सल प्रभावित (एलडब्ल्यूई) सात जिलों, बस्तर मुन्ने अभियान, सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल, एनसीएईआर सर्वे तथा मावा सेहत-मावा बस्तर अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में हितग्राही मूलक योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने, डेटाबेस अद्यतन, पात्र हितग्राहियों के सत्यापन तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा बस्तर मुन्ने पोर्टल, सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल एवं अन्य संबंधित पोर्टलों पर सभी प्रविष्टियां अद्यतन रखी जाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही को शासन की योजनाओं के लाभ से छूटना नहीं चाहिए। जहां आवश्यकता हो, वहां विशेष अभियान एवं शिविर आयोजित कर शत-प्रतिशत हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। मुख्य सचिव ने इन सभी योजनाओं का अद्यतन डाटा समय पर अपलोड करने, एनसीएईआर सर्वे डाटा का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने तथा हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टलों पर उपलब्ध डाटा पूरी तरह अद्यतन एवं प्रमाणित होना चाहिए।

बैठक में राशन कार्ड, आधार कार्ड, जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), आयुष्मान भारत कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री जनधन योजना, जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा, श्रम कार्ड तथा महतारी वंदन योजना सहित अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण सुनिश्चित करने कहा।

बैठक में मावा सेहत-मावा बस्तर अभियान की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि 13 अप्रैल से जून तक संचालित इस विशेष अभियान के दौरान 34 लाख से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं। अभियान के लिए गठित 1,020 समर्पित स्वास्थ्य दलों ने दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचकर लगभग 99.6 प्रतिशत गांवों को कवर किया। अभियान के दौरान चिन्हित बीमारियों के उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों का समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने तथा नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, सभी पोर्टलों पर अद्यतन जानकारी दर्ज की जाए। उन्होंने संबंधित जिला कलेक्टरों को नियमित मैदानी दौरे करने, विशेष अभियान चलाने तथा प्रगति की सतत मॉनिटरिंग कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव  ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव  निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव  शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव  अमित कटारिया, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता, राजस्व विभाग की सचिव  शम्मी आबिदी, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव  बसवराजु एस., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, गरियाबंद और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।

 

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