
हैदराबाद
हैदराबाद में भारतीय वायुसेना का अधिकारी बनकर घूम रहे एक शख्स को पुलिस ने हिरासत में लिया है. आरोपी सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में एयरफोर्स की वर्दी पहनकर तस्वीरें खिंचवा रहा था. वहां तैनात सैन्य सुरक्षा कर्मियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उससे पूछताछ की गई. जांच में कथित तौर पर पता चला कि वह भारतीय वायुसेना का अधिकारी नहीं है. इसके बाद सैन्य कर्मियों ने उसे बेगमपेट पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान नीतेश कुमार पाल के रूप में हुई है. वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और फिलहाल हैदराबाद के नेरेडमेट इलाके में रहता है. बताया गया है कि वह पेशे से डिलीवरी एजेंट है. आरोप है कि उसने एयरफोर्स अधिकारी की झूठी पहचान बना रखी थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल किस तरह और किन उद्देश्यों के लिए किया।
यह घटना 7 अक्टूबर को दोपहर करीब 1:45 बजे की बताई जा रही है. उस समय सैन्य सुरक्षा कर्मियों ने सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में एक शख्स को फ्लाइंग ऑफिसर की वर्दी में घूमते और तस्वीरें लेते देखा. उसकी गतिविधियां सामान्य नहीं लगीं, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोककर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान उसकी पहचान और वर्दी को लेकर संदेह गहरा गया. इसके बाद जांच में उसके वायुसेना का अधिकारी नहीं होने की बात सामने आई।
जांच के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर पता चला कि आरोपी ने इंस्टाग्राम पर भी अपनी प्रोफाइल एयरफोर्स अधिकारी के तौर पर पेश की थी. संदेह है कि वह इस पहचान का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर युवतियों से दोस्ती करने और उन्हें आकर्षित करने के लिए करता था. जांचकर्ताओं को यह भी शक है कि वह परेड ग्राउंड पर ऐसी तस्वीरें खिंचवाने पहुंचा था, जिन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर अपनी फर्जी पहचान को मजबूत दिखा सके. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सैन्य सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को बेगमपेट पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. अब आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और इंस्टाग्राम प्रोफाइल की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने कहीं और भी युवतियों को अपनी कथित फर्जी पहचान के जरिए धोखा दिया या ऐसा करने की कोशिश की. इसके अलावा, इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने की आशंका की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल, पुलिस की जांच का मुख्य फोकस आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियों, एयरफोर्स अधिकारी बनकर तस्वीरें खिंचवाने के मकसद और संभावित पीड़ितों की पहचान पर है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



