भोपालमध्य प्रदेश

पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार पर्यटन निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में महत्वपूर्ण एमओयू के साथ प्रदान किये लेटर ऑफ अवॉर्ड
पर्यटन निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठक में आए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध वन्य जीव संपदा, ऐतिहासिक धरोहरों और आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है और राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, त्वरित अनुमतियों और सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एमपी ट्रैवल मार्ट : 2026’ के दौरान मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने और निजी निवेश को गति प्रदान करने के उद्देश्य से देश-विदेश के प्रमुख पर्यटन निवेशकों, हॉस्पिटैलिटी समूहों और स्टेकहोल्डर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना, धरोहर संरक्षण, कौशल विकास, फिल्म पर्यटन और विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया तथा निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) प्रदान किए गए।

सीहोर के रामगढ़ में 848.40 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश एमओयू

निवेश संवर्धन के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए सीहोर जिले के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 848.40 करोड़ रुपये के निजी निवेश से गोल्फ कोर्स, होटल विला, वेलनेस रिसॉर्ट एवं लक्जरी होटल परियोजनाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण एमओयू किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र में 920 प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर ए.आर.एम. फूड्स का प्रतिनिधित्व कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक अतुल अग्रवाल ने किया।

निवेशकों को त्वरित अनुमतियों का भरोसा और रोजगार सृजन को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों, संस्थाओं और उद्यमियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार भूमि आवंटन, अधोसंरचना विकास और आवश्यक स्वीकृतियों को समयबद्ध रूप से पूरा करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन महत्वपूर्ण एमओयू, निवेश प्रस्तावों और लेटर ऑफ अवॉर्ड के माध्यम से मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।

कौशल विकास, हेरिटेज संरक्षण और फिल्म पर्यटन में हुए एमओयू

पर्यटन विकास, योजना और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में कई अन्य महत्वपूर्ण एमओयू भी हुए। फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में एसीएडी, इंदौर के साथ फिल्म निर्माण शिक्षा, पर्यटन एवं कंटेंट निर्माण के लिए समझौता (एमओयू) हुआ। ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के तहत स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली के साथ ओरछा के ऐतिहासिक परिसर की समेकित प्रबंधन योजना तैयार करने के लिए एमओयू हुआ।

कौशल विकास अन्तर्गत भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम), ग्वालियर के साथ पर्यटक वाहन चालकों के आरपीएल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन के लिए एमओयू किया गया। इसके प्रथम चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें संस्थान का प्रतिनिधित्व प्रो. प्रशांत के. गौता ने किया। वहीं, द्रोणह के साथ ओरछा परिसर के पर्यावरण, लैंडस्केप एवं संरक्षण योजना तैयार करने के लिए एमओयू किया गया, जिसमें श्रीमती शिखा जैन ने प्रतिनिधित्व किया।

इसके अतिरिक्त, टेकनपुर (ग्वालियर) स्थित बीएसएफ अकादमी में पर्यटन सुविधाओं के विकास, डिजिटल अधोसंरचना और बीएसएफ म्यूजियम के उन्नयन के लिए बीएसएफ अकादमी, एमपीएसटीडीसी तथा जिला प्रशासन के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हुआ, जिसका प्रतिनिधित्व डीआईजी हरिंदर सिंह तोमर एवं रितेश ठाकुर ने किया।

हॉस्पिटैलिटी और लक्जरी रिसॉर्ट्स के क्षेत्र में आए निवेश प्रस्ताव

वन-टू-वन बैठकों के दौरान हॉस्पिटैलिटी और लक्जरी रिसॉर्ट्स के क्षेत्र में अन्य बड़े निवेश प्रस्ताव भी सामने आए। एटमॉस्फियर ग्रुप के प्रबंध निदेशक सौभाग्य महापात्रा ने उज्जैन, इंदौर और प्रमुख वन्य जीव सर्किटों में लक्जरी हॉस्पिटैलिटी विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना साझा की।

रेनी ग्रुप के निदेशक पंकज फुलवानी ने मांडू में 350 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक लुनेरा सराय को ‘वेलकम होटल बाय आईटीसी’ (130 करोड़ रुपये) के रूप में विकसित करने, खजुराहो में कुटनी डैम के सामने वॉटर फ्रंट रिसॉर्ट (125 करोड़ रुपये), सीधी में ‘स्टोरी बाय आईटीसी’ (35 करोड़ रुपये) और मैहर में बाणसागर डैम के पास रिसॉर्ट सहित कुल 290 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के संबंध में चर्चा हुई।

सर्व ग्रुप के प्रबंध निदेशक कुणाल ज्ञानी ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (मढ़ई) में ‘ताज सफारीज’ के साथ 40 एकड़ में 100 करोड़ रुपये के अल्ट्रा-लक्जरी वन्य जीव रिसॉर्ट और राज्य में कुल 300 करोड़ रुपये के समग्र निवेश संबंधी चर्चा की। एमआरवीएच रिसॉर्ट्स के निदेशक जितेंद्र सिंह ने ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ‘रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम’ को सिंहस्थ 2028 से पूर्व, वर्ष 2026 के अंत तक पूर्ण करने तथा रातापानी, बांधवगढ़, पचमढ़ी व मढ़ई में 150 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव दिया।

वन्य जीव पर्यटन और होटल विस्तार में प्रमुख समूहों ने दिखाई रुचि

वन्य जीव पर्यटन को गति देने के लिए रामको ग्रुप (जेकेआर हॉस्पिटैलिटी) की प्रबंध निदेशक सुशारदा दीपा ने कान्हा, कूनो, पेंच, रानी दुर्गावती, संजय डुबरी, रातापानी, बांधवगढ़ और पन्ना में 120 से 140 करोड़ रुपये के सतत वन्य जीव रिसॉर्ट्स विकसित करने की योजना प्रस्तुत की।इसके साथ ही वराय होटल्स के सीएमडी शैलेश कलवाडिया ने उज्जैन के ब्रजराजखेड़ी में 80 करोड़ रुपये के होटल प्रोजेक्ट, इवॉल्व बैक ग्रुप के अब्राहम जॉर्ज रामापुरम ने मांडू में 50 करोड़ रुपये से अधिक के रिसॉर्ट प्रोजेक्ट और अनाशविश टाइगर कैंप के विनोद सिंह राजपुरोहित ने ‘द लीला’ के साथ मिलकर कान्हा व सतपुड़ा में लक्जरी परियोजनाओं पर चर्चा की।

विसक्वेस्ट हॉस्पिटैलिटी के एस. वेंकट रेड्डी, जूस्टा होटल्स के आशीष वोहरा, अंबुजा नियोतिया के अवनीश कोहली और अहिल्या एक्सपीरिएंसेज के यशवंत राव होलकर ने भी प्रदेश में होटल व डेस्टिनेशन हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में निवेश की गहरी रुचि दिखाई।

फिल्म निर्माण, सांस्कृतिक प्रचार और फूड टूरिज्म पर विमर्श

फिल्म पर्यटन के तहत ‘द वायरल फीवर’ (टीवीएफ) के संस्थापक अरुणाभ कुमार ने ‘पंचायत’ और ‘गुल्लक’ जैसी चर्चित वेब-सीरीज की शूटिंग का उल्लेख करते हुए राज्य को फिल्म हब के रूप में विकसित करने पर चर्चा की। सुप्रसिद्ध अभिनेता अन्नू कपूर ने सिनेमा के जरिए सांस्कृतिक धरोहर के प्रचार पर विचार रखे, जबकि सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार ने डेस्टिनेशन-बेस्ड फूड टूरिज्म विकसित करने पर सुझाव दिए।

विभिन्न अंचलों में रिसॉर्ट व पर्यटन परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के विभिन्न अंचलों में नई पर्यटन परियोजनाओं के विकास के लिए निवेशकों और उद्यमियों को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। इसके अंतर्गत निवाड़ी जिले के ओरछा में रिसॉर्ट व बहुउद्देश्यीय पर्यटन परियोजना के लिए मेसर्स अन्या पॉलीटेक एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (यशपाल यादव), बैतूल के ग्राम गुरगुंडा में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए मेसर्स हेवन टेक्नो सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड (राजेंद्र ठाकुर) तथा ग्राम बोथिया में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए संदीप सोनी को लेटर ऑफ अवॉर्ड दिया गया।

नीमच के ग्राम बस्सी में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए श्रीमती स्वाति गोयल, मंदसौर के ग्राम कंगहट्टी में वेलनेस रिसॉर्ट के लिए जैनम जैन तथा गांधी सागर में इको-टूरिज्म गतिविधि के लिए रघुराज सिंह चौधरी को अनुबंध पत्र सौंपे गए। रायसेन के ग्राम मुरलीखेड़ी में रिसॉर्ट एवं अन्य पर्यटन परियोजनाओं के लिए मेसर्स टेक्नो प्लानर्स एलएलपी (आशीष भदौरिया) तथा सागर जिले के ग्राम सलैया गंज में होटल/रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए मेसर्स ज्ञानोदय ग्रुप (मूरत सिंह) को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए।

हेरिटेज होटल और राजमार्गों पर वे-साइड एमिनिटीज की स्थापना को मंजूरी

सीहोर जिले के ग्राम लावाखेड़ी में रिसॉर्ट परियोजनाओं के लिए संजेश रघुवंशी, आलोक कटारिया तथा मेसर्स साई हरदा कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स (आकाश सचदेवा) को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। उज्जैन जिले के ग्राम ब्रजराज खेड़ी में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए शैलेश कलवारिया तथा पन्ना जिले के लक्ष्मीपुर पैलेस में हेरिटेज होटल प्रोजेक्ट के लिए श्रीमती रत्न जादौन को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किया गया।

राजमार्गों पर पर्यटकों एवं यात्रियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मार्ग सुविधा केंद्रों (वे-साइड एमिनिटीज) की स्थापना के लिए भी लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किए गए। इसके अन्तर्गत खजुराहो-पन्ना मार्ग पर सुविधा केंद्र के लिए मेसर्स नीलम कंस्ट्रक्शन (श्रीमती नीलम सिंह), जबलपुर-भोपाल मार्ग स्थित ग्राम तेंदूखेड़ा में सुविधा केंद्र के लिए दुर्गा दास पटेल तथा उज्जैन-मक्सी मार्ग स्थित ग्राम हरसोदन में मार्ग सुविधा केंद्र की स्थापना के लिए पाटीदार फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (पुरुषोत्तम पाटीदार एवं आकाश पाटीदार) को अनुबंध पत्र प्रदान किए गए।

एमआईसीई, साहसिक पर्यटन और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन

प्रदेश को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों (एमआईसीई) और साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से ईमा के अध्यक्ष दीपक चौधरी और विजक्राफ्ट इंटरनेशनल के सह-संस्थापक सबास जोसेफ ने बड़े आयोजनों के संबंध में विचार-विमर्श किया। एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष अजीत बजाज ने पर्यावरण-अनुकूल एडवेंचर टूरिज्म पर बल दिया।

टीबीओ ग्रुप के प्रबंध निदेशक अंकुश निझावन ने ‘टीबीओ एकेडमी’ के जरिए पर्यटन हितधारकों के कौशल विकास का प्रस्ताव दिया। टीएएआई के अध्यक्ष सुनील कुमार तथा एडीटीओआई के अध्यक्ष वेद खन्ना ने अनछुए पर्यटन गंतव्यों के प्रचार की रूपरेखा रखी। तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में एक्सप्लर्जर के संस्थापक जितिन भाटिया ने पर्यटन स्थलों पर एआई-आधारित सहायक ‘एआई एजेंट’ की तैनाती का प्रस्ताव रखा।

 

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