भोपालमध्य प्रदेश

MP के 400 छात्रावासों में बड़ा फेरबदल, लंबे समय से जमे अधीक्षक हटेंगे

भोपाल
 स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों में लंबे समय से पदस्थ अधीक्षकों को हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश के करीब 400 छात्रावासों में अधीक्षकों का कार्यकाल पांच साल से अधिक हो चुका है। इनमें कई ऐसे भी हैं, जो पिछले 10 से 12 साल से एक ही छात्रावास में पदस्थ हैं। लंबे समय से एक ही जगह जमे अधीक्षकों के खिलाफ मिल रही शिकायतों के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

शिक्षा विभाग तैयार कर रहा सूची
स्कूल शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी छात्रावास में अधीक्षक को निर्धारित अवधि से अधिक समय तक पदस्थ न रखा जाए। बता दें कि प्रदेश में राज्य शिक्षा केंद्र के अधीन कस्तूरबा गांधी बालिका एवं बालक आवासीय छात्रावास संचालित हैं।

वहीं, लोक शिक्षण संचालनालय के अंतर्गत विकासखंड स्तर पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी चलाए जा रहे हैं इन संस्थानों में लंबे समय से पदस्थ अधीक्षकों की सूची तैयार कर उनके कार्यकाल की जानकारी जुटाई जा रही है।

जनप्रतिनिधि ने भी की थीं शिकायतें
विभाग के कई छात्रावासों में अधीक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। कुछ मामलों में जनप्रतिनिधियों ने भी विभाग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने के कारण कुछ अधीक्षक मनमानी करते हैं। इन शिकायतों के बाद विभाग अब अधीक्षकों के कार्यकाल की समीक्षा कर उन्हें हटाने की तैयारी कर रहा है।

एक छात्रावास में अधिकतम तीन साल का प्रस्ताव
विभाग ने नियमों के अनुरूप गाइडलाइन तैयार की है। इसके तहत एक छात्रावास में अधीक्षक का अधिकतम कार्यकाल तीन साल निर्धारित करने का प्रविधान प्रस्तावित है। अवधि पूरी होने के बाद अधीक्षक का तबादला दूसरे छात्रावास में या उनके मूल विभाग में किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य छात्रावासों में पारदर्शिता बढ़ाना और अनियमितताओं की आशंकाओं को कम करना है।

पहले भी हुई थी कार्रवाई, कोर्ट पहुंचे थे अधीक्षक
विभाग ने करीब दो साल पहले भी लंबे समय से पदस्थ अधीक्षकों को हटाने की कोशिश की थी। उस दौरान कुछ अधीक्षकों को उनके मूल विभाग में वापस भेजा गया, लेकिन कई ने न्यायालय का रुख कर लिया था।राज्य शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित छात्रावासों के 50 से अधिक अधीक्षकों ने भी अदालत में याचिकाएं दायर की थीं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button