
पितृ पक्ष और श्राद्ध के दौरान घरों में सात्विक भोजन बनाने की परंपरा है. इस दौरान कई परिवार प्याज और लहसुन से परहेज करते हैं. ऐसे में रोजाना की सब्जियों को लेकर अक्सर सवाल रहता है कि कम मसालों में ऐसा क्या बनाया जाए, जो स्वादिष्ट भी हो और बनाने में ज्यादा समय भी न लगे. अगर आप भी श्राद्ध की थाली के लिए कोई आसान और हल्की सब्जी तलाश रहे हैं, तो तोरई की ये रेसिपी आपके काम आ सकती है.
इस सब्जी की खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए न तो प्याज-लहसुन और टमाटर की जरूरत है और न ही ढेर सारे मसालों की. सिर्फ जीरा, हल्दी और धनिया पाउडर से तैयार होने वाली ये सब्जी स्वाद में बेहद अच्छी लगती है. तोरई अपने ही पानी में पककर सॉफ्ट हो जाती है, जिससे इसमें अलग से पानी डालने की जरूरत भी नहीं पड़ती. इसे आप रोटी, पराठे या पूरी के साथ परोस सकते हैं.
इंग्रेडिएंट्स
तोरई- 500 ग्राम (छीलकर कटी हुई)
तेल- 2 बड़े चम्मच
जीरा- 1 छोटा चम्मच
हल्दी पाउडर- ¼ छोटा चम्मच
धनिया पाउडर- ½ छोटा चम्मच
नमक- स्वादानुसार
बनाने का तरीका
1.
सबसे पहले तोरई को अच्छी तरह धोकर छील लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. अब एक कड़ाही में 2 बड़े चम्मच तेल डालकर हल्का गर्म करें. तेल गर्म होने पर इसमें जीरा डालें और उसे चटकने दें.
2. अब कड़ाही में कटी हुई तोरई डाल दें. इसके बाद हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाएं. सभी चीजों को अच्छी तरह चलाकर मसालों को तोरी के साथ मिला दें. ध्यान रखें कि इस रेसिपी में प्याज, लहसुन और टमाटर का इस्तेमाल नहीं करना है.
3. अब कड़ाही को ढककर मीडियम आंच पर करीब 2 मिनट तक पकने दें. थोड़ी देर बाद आप देखेंगे कि तोरई ने अपना काफी सारा पानी छोड़ दिया है. यही पानी सब्जी को पकाने के लिए काफी होता है, इसलिए अलग से पानी डालने की जरूरत नहीं है.
4. अब ढक्कन हटाकर सब्जी को करीब 1 मिनट और पकाएं, ताकि अतिरिक्त पानी सूख जाए. बीच-बीच में इसे चलाते रहें, जिससे सब्जी कड़ाही में चिपके नहीं. जब तोरई अच्छी तरह नरम हो जाए और पानी सूख जाए, तो गैस बंद कर दें.
श्राद्ध की थाली में पूड़ी के साथ करें सर्व
आपकी बिना प्याज-टमाटर वाली सात्विक तोरई की सब्जी तैयार है. कम मसालों में बनने वाली ये सब्जी स्वादिष्ट लगती है. इसे गर्मागर्म पराठे या पूड़ी के साथ परोस सकते हैं. पितृ पक्ष में सात्विक भोजन बनाने वाले परिवारों के लिए ये एक आसान ऑप्शन हो सकता है. सबसे अच्छी बात ये है कि इसे तैयार करने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती और थोड़े ही इंग्रेडिएंट्स के साथ तैयार हो जाती है.



