भोपालमध्य प्रदेश

MP कैबिनेट में स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री पर विरोध, CS बोले- एक महीने में कराएं; CM ने दिए पटवारियों को समझाने के निर्देश

भोपाल

 मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल समूह की अहम बैठक मंगलवार को दोपहर में मंत्रालय में हुई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इसमें सबसे अहम सरकारी बसों को पुनः चालू करने के फैसले पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा कई अहम प्रस्तावों पास किए गए।

मोहन कैबिनेट की अहम बैठक की जानकारी लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मीडिया को दी। पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश में 25 सितंबर 2026 से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा के बारे में अहम चर्चा हुई। इसी दिन इस सेवा का शुभारंभ होगा। सुगम परिवहन बस सेवा अंतर्गत लगभग 150 सिटी रूट तय किए गए हैं, 450 इंटरसिटी रूट और 436 अंतर्राज्यीय रूटों पर यह बस सेवा शुरू होगी।

पटेल ने आगे बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रारंभ की गई स्वामित्व योजना को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई गति दी जा रही है। पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर 17 सितंबर को इंदौर से ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना’ का शुभारंभ किया जाएगा। पटेल ने बताया कि डॉ. मोहन यादव की दुबई यात्रा के दौरान लगभग 53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।

मोहन यादव कैबिनेट की बैठक में स्वामित्व योजना के हितग्राहियों की मुफ्त रजिस्ट्री को लेकर पटवारियों के विरोध का मुद्दा उठा। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने रजिस्ट्री की समय-सीमा चार-पांच महीने के बजाय एक महीने में पूरी कराने की बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पर सहमति जताई। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि कलेक्टर पटवारियों को समझाएं कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। शासन स्तर से यह काम कराया जा रहा है, इसलिए पटवारी इसमें नहीं उलझेंगे। उन्होंने रजिस्ट्री का काम प्राथमिकता से कराने के निर्देश देने को कहा।

प्रदेश में 17 सितंबर से स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री शुरू होनी है। पटवारी रजिस्ट्रीकर्ता के रूप में अपना नाम दर्ज किए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ड्रोन सर्वे या आबादी रिकॉर्ड में गलती होने पर रजिस्ट्री की जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। पटवारियों ने डीड ऑफ कन्वेयंस की भूमिका दिए जाने पर भी आपत्ति जताई है। इसे लेकर जिलों में विरोध शुरू हो गया है।

पहले पटवारियों और रजिस्ट्री की पावर रखने वाले अफसरों को एक दिन में 40 रजिस्ट्री करने का टारगेट दिया गया था। अब इसे बढ़ाया जाएगा। इसी बीच कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव ने रजिस्ट्री की समय-सीमा पांच महीने से घटाकर एक महीने करने का सुझाव दिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति दी।

रेल परियोजना के लिए जताई खुशी
पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के अंतर्गत जोबट-टांडा रोड रेलखंड के लोकार्पण से धार का गुजरात से सीधा रेल संपर्क स्थापित होने पर पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। साथ ही क्रिकेट, हॉकी सहित विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाने वाली भारतीय टीमों और उनमें शामिल मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को मंत्रीपरिषद ने हार्दिक बधाई दी है।

7500 से अधिक छात्रों को मिलेगी स्कूटी
मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना पकी भी जानकारी दी। पटेल के मुताबिक 19 सितंबर को सीएम मोहन यादव मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना के अंतर्गत कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रं को ई-स्कूटी प्रदान करेंगे। इस योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 7500 से अधिक छात्रों को लाभ मिलने वाला है। पटेल ने बताया कि इसके अलावा मंत्रिमंडल समूह ने मध्य प्रदेश के विकास, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण एवं जनकल्याण के लिए लगभग ₹42,490 करोड़ की स्वीकृति दी गई।

50 लाख रिकॉर्ड की होगी मुफ्त रजिस्ट्री मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन और पंजीयन योजना के तहत 17 सितंबर से काम शुरू होगा। इंदौर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इसकी शुरुआत करेंगे। योजना पर सरकार करीब 4 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।

उन्होंने बताया कि स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क से ग्रामीणों को छूट दी गई है। योजना के तहत 68 लाख रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से करीब 50 लाख रिकॉर्ड की मुफ्त रजिस्ट्री कराकर दी जाएगी। इसके बाद ग्रामीण आबादी को भूमि और भवन के अधिकार मिलेंगे। इससे बैंकों से लोन लेने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और संपत्ति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में आसानी होगी।

25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की जानकारी दी। मंत्री पटेल ने बताया कि इसका शुभारंभ 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर होगा। इसके तहत करीब 150 सिटी रूट, 450 इंटरसिटी और 436 अंतर्राज्यीय रूट विकसित किए जाएंगे।

यह बस सेवा 21 साल से ठप थी, जिसे फिर शुरू करने का फैसला सरकार ने लिया है। वर्ष 2030 तक 75 प्रतिशत विकासखंडों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

₹42,490 करोड़ के काम 2031 तक जारी रहेंगे

मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने ₹42,490 करोड़ के कार्यों को वर्ष 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया है।

इसमें ₹13,000 करोड़ से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में स्कूलों के उन्नयन के साथ उनके लिए पद स्वीकृत करने सहित अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

आदिवासी शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर वर्ष 1973-74 से 1997-98 तक नियुक्त उप शिक्षक, उपशाला शिक्षक, प्रशिक्षण शिक्षक, कनिष्ठ बोर्ड से चयनित शिक्षक, ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना के तहत नियुक्त शिक्षक और सहायक शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान देने को मंजूरी दी गई। इसके साथ एरियर राशि के भुगतान को भी स्वीकृति दी गई।

चार हाई स्कूलों के पद स्वीकृत जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर वर्ष 2016-17 में माध्यमिक शालाओं के उन्नयन के तहत चार हाई स्कूलों के पदों की स्थिति तय करने को मंजूरी दी गई।

दो सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने की मंजूरी जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को लगातार जारी रखने और गोंड वृहद सिंचाई परियोजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई। ये परियोजनाएं ₹13,000 करोड़ से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं में शामिल हैं।

न्यायिक अधिकारियों के उपकरणों की नीति में संशोधन न्यायिक सेवा के अधिकारियों को लैपटॉप, कंप्यूटर और प्रिंटर उपलब्ध कराने से संबंधित नीति में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

लाड़ली बहनों को ₹250 अतिरिक्त देने का अनुमोदन मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को दी गई ₹250 की अतिरिक्त सहायता से संबंधित कार्रवाई का अनुमोदन किया गया।

एमएसपी उपार्जन के लिए ब्याज मुक्त ऋण प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत खाद्यान्न उपार्जन के लिए निर्धारित ऋण सीमा के पुनर्भुगतान के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

अशासकीय विधि महाविद्यालयों के स्टाफ को UGC का सातवां वेतनमान राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त अशासकीय विधि महाविद्यालयों में कार्यरत प्राचार्य, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी और ग्रंथपाल को UGC का सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

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