
सावन के पवित्र महीने में कई लोग केवल सोमवार जबकि कई लोग पूरे सावन भर व्रत रखते हैं. ऐसे में रोज-रोज वही फल, आलू या साबूदाना खाकर कई बार बोरियत होने लगती है. अगर आप भी इस सावन कुछ अलग, हल्का और सेहतमंद ट्राई करना चाहते हैं, तो आलू-सिंघाड़े की कढ़ी जरूर बनाएं. यह खाने में जितनी स्वादिष्ट होती है, पचने में उतनी ही हल्की होती है और व्रत के दौरान शरीर को भरपूर ऊर्जा प्रदान करती है.
आलू की कढ़ी की सामग्री
आधा किलो उबले आलू (छिले हुए और अच्छी तरह मैश किए हुए)
2 चम्मच सेंधा नमक
1/4 चम्मच मिर्च पाउडर (अगर आप लाल मिर्च नहीं खाते हैं तो हरी मिर्च का पेस्ट या पाउडर)
1/2 कप सिंघाड़े का आटा
डीप-फ्राई करने के लिए तेल
1/2 कप खट्टा दही
1 डंडी कढ़ी पत्ता
1/2 चम्मच जीरा
2 साबुत लाल मिर्च
1 बड़ा चम्मच अदरक
कटा हुआ 1/2 चम्मच
धनिया पाउडर 4 कप पानी
सजावट के लिए धनिया पत्ती.
आलू की कढ़ी कैसे बनाएं:
सबसे पहले सिंघाड़े के आटे में आलू, 1/2 चम्मच नमक, मिर्च पाउडर और मिलाकर एक गाढ़ा घोल बना लें.
मिश्रण का 1/4 हिस्सा अलग रख दें और बाकी हिस्से से पकौड़ियां बनाएं.
तेल को तब तक गर्म करें जब तक कि उसमें घोल की एक बूंद डालने पर वो तुरंत ऊपर न आ जाए.
तेल में चम्मच से घोल डालें, आंच धीमी करें और सुनहरा होने तक तलें.
तेल सोखने वाले पेपर पर निकालें और अलग रख दें.
बचे हुए मिश्रण में दही मिलाएं. इसका एक चिकना पेस्ट बनाएं और उसमें पानी मिलाएं.
भारी तले वाले पैन में उसी तेल में से 2 बड़े चम्मच तेल दोबारा गर्म करें, उसमें कढ़ी पत्ता, जीरा और साबुत लाल मिर्च डालें.
जब वे थोड़े गहरे रंग के हो जाएं, तो अदरक डालें और थोड़ा भूनें.
दही का मिश्रण, नमक और धनिया पाउडर डालें और उबाल आने दें, फिर धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक यह थोड़ा गाढ़ा न हो जाए; जलने से बचाने के लिए इसे बार-बार चलाते रहें.
पकौड़ियां डालें, कुछ मिनट और पकाएं और धनिया पत्ती से सजाकर गरमा-गरम परोसें.



