भोपालमध्य प्रदेश

मानव–वन्य प्राणी संघर्ष और फसल क्षति कम करने के लिए कृष्ण-मृग स्थानांतरण अभियान का दूसरा चरण हुआ प्रारंभ

भोपाल 

शाजापुर–शुजालपुर क्षेत्र में कृष्ण-मृगों (ब्लैकबक) को पकड़ने और स्थानांतरित करने के अभियान का दूसरे चरण का शनिवार को प्रारंभ किया गया। अभियान के पहले दिन हन्नूखेड़ी में 97 कृष्णमृगों को सफलतापूर्वक पकड़ा गया। इन्हें अनुकूल वन क्षेत्र में स्थानांतरित करने के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान रवाना किया गया। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में लंबे समय से फसलों को नुकसान पहुंचा रहे वन्य प्राणियों के कारण किसानों और ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों को कम करना है।

कृष्ण-मृगों को उनके अनुकूल वन क्षेत्रों में स्थानांतरित करने से मानव–वन्य प्राणी संघर्ष और फसल क्षति कम करने के साथ कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। दूसरे चरण में कुल 2 हजार कृष्ण-मृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल वन्य प्राणियों के संरक्षण और ग्रामीणों की आजीविका से जुड़ी चुनौतियों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विशेषज्ञों और वन अमले की संयुक्त भागीदारी

अभियान में दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ संस्था ‘कंजर्वेशन सॉल्यूशंस’ का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। मालवा अंचल के साथ प्रदेश के अन्य जिलों से आए वन्यप्राणी चिकित्सक, वन अधिकारी और प्रशिक्षित मैदानी कर्मचारी भी इसमें भागीदारी कर रहे हैं।

कृष्ण-मृगों को पकड़ने, उनकी देखभाल करने और सुरक्षित परिवहन के दौरान निर्धारित स्थानांतरण प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है, ताकि वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पहले चरण में 913 वन्यप्राणियों का हुआ था स्थानांतरण

कृष्ण-मृग स्थानांतरण अभियान का पहला चरण पिछले वर्ष संचालित किया गया था। इस दौरान 846 कृष्ण-मृग और 67 नीलगाय सहित कुल 913 वन्य प्राणियों को पकड़ा गया था। पहले चरण से प्राप्त अनुभवों के आधार पर दूसरे चरण को बेहतर समन्वय के साथ संचालित किया जा रहा है।

किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए जनसहयोग की अपील

अभियान में जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। वन विभाग ने वन्य प्राणी संरक्षण और किसानों की फसलों की सुरक्षा के इस प्रयास को सफल बनाने के लिए आमजन से निरंतर सहयोग की अपील की है

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