
नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला लगातार कांग्रेस पर हमलावर है। अब उन्होंने एक बार फिर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसा है। दरअसल उन्होंने एक पुरानी डिबेट के दौरान की वीडियो शेयर की।
बुधवार को वीडियो शेयर करते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा, 'मैं राजीव गांधी का हमेशा आभारी रहूंगा। उन्होंने कहा, राजीव गांधी ने हमें राहुल गांधी दिया, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि पीएम मोदी 2014, 2019, और 2024 में प्रधानमंत्री बनें। उन्होंने कहा, 'वह आगे भी 2029 में पीएम बनें।'
'राजीव गांधी मेरी तरह मोदी के समर्थक'
शहजाद पूनावाला ने कहा, 'इसलिए, राजीव गांधी जी भी मेरी तरह ही मोदी जी के सबसे बड़े समर्थक हैं।'
बीजेपी से शहजाद पूनावाला ने दिया इस्तीफा
17 अक्टूबर को शहजाद पूनावाला ने बीजेपी से त्यागपत्र देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'बेहद विनम्रता, स्नेह और आभार के साथ मैंने एक बार फिर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंपा है और अनुरोध किया है कि इसे स्वीकार किया जाए। मैं उस मार्गदर्शन, प्यार, सम्मान और मंच के लिए हमेशा आभारी रहूंगा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महामंत्री बीएल संतोष, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और हमारे सभी वरिष्ठ नेताओं व पूरे संघ परिवार ने मुझे दिया और मुझ पर भरोसा जताया।'
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शहजाद पूनावाला ने आगे लिखा, 'किसी अन्य देश या किसी अन्य पार्टी में मेरे जैसी कहानी, एक युवा, पसमांदा मुस्लिम और बिना किसी राजनीतिक परिवार की पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति की कहानी, शायद ही संभव हो पाती। हालांकि मैं उस पार्टी और राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद व जिम्मेदारी से विदा ले रहा हूं, जिसे मैं बहुत प्यार करता था। हमारा मिशन और विजन 'वीजी और एमआईजीए' (विकसित भारत और मेक इंडिया ग्रेट अगेन) भारत के अब तक के सबसे महान नेता नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और अधिक जोश और जुनून के साथ जारी रहेगा।'
नितिन नवीन को लिखे लेटर में क्या कहा?
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भेजे इस्तीफे में कहा, "कृपया इस पत्र को 30 जुलाई 2026 के मेरे पिछले पत्र के सिलसिले में पढ़ें, जिसमें मैंने जरूरी आर्थिक और व्यक्तिगत हालात के कारण भाजपा के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से बिना किसी शर्त के इस्तीफा देने की पेशकश की थी। यह मेरे लिए अत्यंत भावुक करने वाला था कि पार्टी ने मेरे त्यागपत्र को तुरंत स्वीकार करने से इंकार कर दिया और मुझसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। हालांकि, दीर्घ विचार-विमर्श और गंभीर मनन के बाद, मैंने अंतिम निर्णय लिया है कि मैं राष्ट्रीय प्रवक्ता के अपने पद और भाजपा की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होने का निर्णय लेना चाहता हूं। पिछले कुछ दिनों की घटनाओं, जिन व्यक्तियों के बारे में मैंने आपको विस्तार से बताया है, उन्होंने मुझे अपने पूर्व निर्णय पर दृढ़ रहने के लिए बाध्य किया है।"



