
भोपाल
राजधानी के आईसीएमआर-भोपाल स्मारक अस्पताल व अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में अत्याधुनिक फ्लो साइटोमेट्री विद इमेजिंग मशीन शुरू हो गई है. यह तकनीक ब्लड कैंसर, सिकल सेल, टीबी, आटोइम्यून और प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़ी बीमारियों की जांच को अधिक सटीक बनाएगी. इसके साथ ही संस्थान में उच्च स्तरीय चिकित्सा अनुसंधान को भी नई गति मिलेगी, जिसका फायदा अस्पताल में आने वाले मरीजों को ईलाज में मिलेगा।
मरीजों की जांच होगी ज्यादा सटीक
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने बताया, '' नई फ्लो साइटोमेट्री विद इमेजिंग मशीन कम समय में हजारों कोशिकाओं का विश्लेषण कर सकती है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल कोशिकाओं का डेटा ही नहीं देती, बल्कि उनकी उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें भी उपलब्ध कराती है. इससे डॉक्टर और वैज्ञानिक कोशिकाओं की बनावट और उनमें होने वाले बदलावों को सीधे देख सकेंगे. इससे ब्लड कैंसर, सिकल सेल रोग, प्रतिरक्षा संबंधी विकारों और अन्य जटिल बीमारियों की जांच पहले से अधिक सटीक होगी।
प्रभारी निदेशक डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, '' यह सुविधा केवल मरीजों की जांच तक सीमित नहीं रहेगी. बल्कि संस्थान के सभी विभाग जांच और अनुसंधान के लिए अपने सैंपल सेंट्रल लैब में भेज सकेंगे. यह मशीन इम्यूनोलॉजी, हीमैटोलॉजी, आन्कोलॉजी और टीबी सहित विभिन्न संक्रामक रोगों पर होने वाले शोध को नई दिशा देगी. वैज्ञानिक कम समय में बड़ी संख्या में कोशिकाओं का अध्ययन कर बीमारी के दौरान शरीर की प्रतिक्रिया को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे. इससे भविष्य में नई उपचार पद्धतियों के विकास का मार्ग भी मजबूत होगा।
आईसीएमआर महानिदेशक ने किया लोकार्पण
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा बीएमएचआरसी के दौरे पर इस अत्याधुनिक मशीन का लोकार्पण किया है. बीएमएचआरसी में पहली बार इस स्तर की उन्नत सेल विश्लेषण तकनीक उपलब्ध हुई है. संस्थान का मानना है कि यह कामन रिसर्च फैसिलिटी चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी. इससे आधुनिक जांच सेवाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण वैज्ञानिक अनुसंधान को भी नई दिशा मिलेगी।



